Sher Aur Chuha – Best Kids Story in Hindi

Sher Aur Chuha - Best Kids Story in Hindi

niche aapko best Kids Story in Hindi mein likhi huyi milegi. jo ek sher aur chuhe ki kahani hai. aur ye aapke bache ko bohat pasand aayegi. to chaliye shuru karte hain.

Kids Story in Hindi – Sher Aur Chuha

एक समय की बात है, एक शेर था जो जंगल में राज करता था। एक दिन खाने के बाद वो एक पेड़ के निचे सो गया। एक छोटे से चूहे ने उसे देखा, और सोचा के इसके साथ खेलने में मजा आएगा।

वो सोते हुए शेर के ऊपर निचे दौड़ने लगा, वो उसके पूंछ के ऊपर दौड़ा, फिर पूंछ के ऊपर से निचे खिसला। और वो चूहा इसी तरह शेर के ऊपर उछाल-कूद करता रहा।

फिर शेर गुस्से से दहाड़ते हुए उठा, उसने अपने बड़े पंजे से चूहे को पकड़ लिया। चूहा बोहत छट-पटाया लेकिन भाग नहीं सका। शेर ने उस चूहे को खाने के लिए अपने बड़े मुंह को खोला। और चूहा बोहत डर गया था।

फिर चूहा शेर से बोलने लगा “शेर राजा! में बोहत डर गया हूँ, प्लीज मुझे मत खाइये। इस बार मुझे माफ़ करदिजिये और में ऐसा कभी भी नहीं करुंगा। और शायद एक दिन में आपकी मदद कर सकूँ”

चूहे द्वारा मदद की बात सुन कर शेर हसने लगा और उसने अपना पंजा खोला और उसको जाने दिया। और फिर चूहा बोलै “शुक्रिया राजा! में ये अहसान कभी नहीं भूलूंगा”

फिर शेर बोलै “तुम किस्मत वाले हो मेरे दोस्त! मैंने अभी खाना खाया है, अब तुम जाओ और फिरसे मुझसे पन्गा मत लेना, वर्ण में तुम्हे अपना खाना बना लूंगा”

कुछ दिनों बाद शेर जंगल में घूम रहा था, शिकारियों ने शेर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। शिकारी पेड़ के पीछे छुप गए, इस इंतज़ार में के शेर जाल में फंस जाये।

जैसे ही शेर जाल के ऊपर आया, शिकारियों ने जाल को खिंचा और उस शेर को उस जाल में पकड़ लिया। शेर ने जोर से दहाड़ा और जाल से निकलने की कोशिस की, लेकिन शिकारियों ने जाल को कश लिया था।

फिर वो शिकारी गाँव वापस चले गए, ताकि गाडी लेके आ सके उस शेर को लेने के लिए। और शेर जोर-जोर से दहाड़ रहा था।

और चूहे समेत जंगल के सभी जानवर शेर का दहाड़ सुने। फिर चूहा बोलता है “राजा मुश्किल में है, मुझे मदद करनी होगी।”

चूहा दौड़ते-दौड़ते शेर के पास पोहंच गया। फिर बोला “गभराईये मत शेर राजा! में आपको इस जाल के चंगुल से अभी छुड़ाता हूँ।”

चूहा जाल के ऊपर चढ़ गया और फिर अपनी दांतों से उस जाल के रस्सी को कुतरने लगा। आखिर में उसने शेर को जाल से छुड़ा लिया। तभी शेर को ये एहसास होता है, की एक छोटा सा चूहा भी बोहत मदद कर सकता है यानि काम आ सकता है।

फिर शेर उस चूहे से बोलता है “शुक्रिया मेरे चूहे दोस्त, में तुम्हे कभी तंग नहीं करूँगा। तुम अब ख़ुशी से मेरे जंगल में रहो, तुमने राजा की जान बचायी है, तुम अब इस जंगल के राज कुमार हो “

फिर चूहा बोलता है “शुक्रिया! राजा जी! अब में चलता हूँ, फिर और कभी मिलेंगे”

फिर शेर बोलता है “अरे! अरे! कहाँ जा रहे हो? क्या तुम मेरे ऊपर खेलना नहीं चाहते? और मेरे पूंछ से फिसलना ?”

ये बात सुन कर चूहा खुसी से उछलने लगता है और फिर वो शेर के ऊपर उछलता है और पूंछ से फिसलने लगता है।

कुछ देर बाद शिकारी शेर को लेने के लिए एक बड़ी गाडी लेकर आये। शेर और चूहे ने उनेह देखा तो शेर उनके तरफ दहाड़ते हुए भगा, शेर को देख कर शिकारी बोहत दर गए और चिल्लाते हुए गाँव के तरफ वापस भागे।

शेर और चूहा उनेह देख कर हंसने लगे और वो दोनों हमेशा के लिए अचे दोस्त बन गए।

तो बच्चों! इस कहानी से हमे क्या सिखने मिलता है?

के कभी भी किसी को अपने से हक़ीर(छोटा) नहीं समझना चाहिए। क्योँकि जहां पर सुई की जरुरत हो, वहां तलवार का क्या काम?

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