एक उदास बच्चा – Hindi Inspirational Story

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इस Hindi Inspirational Story में एक बच्चा हमेसा उदास रहता था क्लास में! उसको सर किस तरह समझाते हैं, चलिए पढ़ते हैं।

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एक बार की बात है, एक सर क्लास में पढ़ा रहे थे। वह सभी स्टूडेंट से कोई ना कोई सवाल पूछ रहे थे, तभी उन्होंने देखा क्लास में एक बच्चा बहुत ही उदास बैठा हुआ था। मनोज के साथ बहुत बुरा हुआ हो सर ने भी उस बच्चों को कुछ नहीं पूछा  और न ही कुछ कहा। 

लेकिन चार-पांच दिन तक ऐसा ही चलता रहा। तभी सर ने उस बच्चे के पास जाकर उससे पूछा की ” बेटा तुम इतने उदास क्यों बैठे रहते हो? दूसरे बच्चों की तरह तुम इंजॉय नहीं करते! ” और किसी भी सवाल का जवाब नहीं देते हो। 

उस लड़के ने सर से कहा कि ” सर मेरे अतीत में, मेरे साथ कुछ बुरा हो गया था। इसी वजह से मेरा अब किसी भी चीज में मन नहीं लग रहा है। मैं कुछ भी कर लूं, दूसरे बच्चों की तरह खुश नहीं रह पा रहा हूं। “

सर ने उस बच्चे की बात को पूरा सुना और अगले दिन वह सर, अपने बैग में शिकंजी बनाने का सारा सामान लेकर आए। और सारे बच्चे क्लास से जाने के बाद, सर उस बच्चे के पास शिकंजी बनाने का वह सामान लेकर गए।

और उस समान से उन्होंने उस लड़के को एक गिलास शिकंजी बना कर दिया। लड़के को लगा कि सर यह सब कुछ मुझे खुस करने के लिए कर रहे हैं। सर ने लड़के की तरफ शिकंजी का गिलास बढ़ाया और उसे पीने के लिए कहा। 

लड़की ने जैसे ही वह शिकंजी का एक घूंट लिया, उस लड़के को उस शिकंजी में नमक ज्यादा लगा। उस लड़के ने सर से कहा की ” सर शिकंजी में नमक ज्यादा हो गया है! ” तभी सर ने उस लड़के से कहा ” ठीक है! लाओ में इसे फेंक देता हूं! “

Man offering orange juice

तभी उस लड़के ने सर से कहा ” सर फेकने की जरूरत नहीं है! अगर इसमें थोड़ी शकर मिला देंगे तो यह खुद ब खुद मीठा और अच्छा हो जाएगा। ” तभी सर ने उस लड़के की तरफ मुस्कुराते हुए देखा और कहां ” यही same चीज मैं तुम्हें आज इस शिकंजी के जरिए समझाने आया था। “

” हमारी जिंदगी भी बिल्कुल शिकंजी की तरह है! और हमारे पास्ट में जो बुरी और दुखत चीज हमारे साथ हुई है, वह शिकंजी में मिले नमक की तरह है। जब हमारे पास्ट में कुछ बहुत बुरा हुआ हो, जिसकी वजह से हमारी जिंदगी बिल्कुल कड़वी भी हो जाती है। “

” उसमे कुछ अच्छी पल ऐड करने की जरूरत होती है। जिस तरह से शिकंजी में नमक ज्यादा हो गया था, लेकिन उसमें शक्कर मिलने के बाद वह मीठा हो गया। उसी तरह हमें भी हमारे बीते हुए कल को भूलकर, उसमें ख़ुशी ऐड करनी चाहिए। “

” ताकि हमारी बुरी यादें, हमारी अच्छी यादों से ज्यादा हो जाए। और हमारी जिंदगी फिर से मीठी और खुश हो जाए। जो पास्ट में हो गया, वह हो गया! उसकी वजह से आज उदास मत रहो। “


कि हमारा आज भी, आगे चलकर कल में बदल जाएगा। और हम फिर से उसे कल की वजह से उदास रहने लगेंगे। इसलिए खराब चीजों को भुलाते हुए आगे बढ़ो! और अपनी लाइफ में पॉजिटिव रहो। जितना हो सके, अच्छा और पॉजिटिव सोचो। 

अगर आप इस Hindi Inspirational Story को और भी लोगों तक पहुंचाना चाहते हो तो इस कहानी को शेयर करो! ताकि और भी लोग अपना पास्ट को भूल कर आगे बढ़ सके! 

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1. हमेसा कम बोलो

कहा जाता है की, कमान से निकला हुआ तीर और बन्दुक से निकली हुयी गोली और मुंह से निकला हुआ लफ्ज़, कभी वापस नहीं आते।

कुछ ऐसा ही हुआ 1825 में। जब Nicholas russia का राजा बना, तब वहां कई दंगे हो रहे थे। तो राजा ने दंगे खड़े करने वाले मुखिया को ही फांसी देने का हुकम दिया।

तो राजा के आदमियों ने राजा के हुकम से उस मुजरिम को पकड़ा और फांसी के तख्ते पर चढ़ा दिया। और उसे फांसी मिलने ही वाली थी के तभी उसके फंदे की रस्सी टूट गयी। जिसे वो मुजरिम जमीन पर गिर पड़ा।

उस ज़माने में, किसी मुजरिम की फंदे की रस्सी टूटना, ऊपर वाले का चमत्कार माना जाता था। और अक्सर मुजरिम को छोड़ दिया जाता था।

इसीलिए राजा के आदमी फ़ौरन राजा के पास गए और पूरी बात बताई और फिर राजा उसे छोड़ने ही वाला था, तभी एक एडवाइजर ने उन सिपाईयों से पूछा “मुजरिम ज़मीन में गिरने के बाद कुछ बोला था क्या?”

तब सिपाईयों ने कहा “हाँ! वो बोल रहा था, के राजा एक ढँक की रस्सी नहीं बनवा सकता, राज्य क्या ख़ाक चलाएगा ” और उसी वक़्त राजा ने उसको सबके सामने मार दिया।

अगर रस्सी टूटने पर उसने अपना मुंह बंद रखा होता, तो उसपर ये नौबत ही नहीं आती। So, Always Say, Less.

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