एक कलेक्टर – Short Heart Touching Story In Hindi

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इस short heart touching story in hindi को अच्छेसे पढ़िए, अगर आप इसको ध्यान से पढ़नेंगे, तो ये स्टोरी आपके दिल को छू लेगी।

Short Heart Touching Story In Hindi

Short Heart Touching Story In Hindi

बाहर बहुत बारिश हो रही थी और अंदर क्लास चल रहा था तभी टीचर ने सब बच्चों से पूछा कि अगर तुम सबको ₹100 का नोट दिया जाए, तुम सब क्या खरीदोगे?

किसी ने कहा मैं वीडियो गेम खरीदूंगा, किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बैट खरीद लूंगा, किसी ने कहा मैं अपने लिए प्यारी सी गुड़िया खरीद लूंगा,और तो किसी ने कहा मैं बहुत सी चॉकलेट खरीदूंगा।

लेकिन एक बच्चा कुछ सोचने में डूबा हुआ था, तभी टीचर ने उससे पूछा तुम “ क्या सोच रहे हो, तुम क्या खरीदोगे?” बच्चा बोला ” टीचर जी मेरी मां को थोड़ा कम दिखाई देता है तो में अपनी मां के लिए चश्मा खरीदूंगा।” टीचर ने कहा ” तुम्हारी मां के लिए चश्मा तो तुम्हारे पापा भी खरीद सकते हैं,

क्या तुम्हें अपने लिए कुछ नहीं खरीदना?” बच्चों ने जो जवाब दिया उससे टीचर का भी आंख भर आया! उसने कहा मेरे पापा अब इस दुनिया में नहीं है, और मेरी मां लोगों के कपड़े सिल के मुझे स्कूल में पढ़ाती है।

और उसे कम दिखाई देने की वजह से वह ठीक से कपड़े सिल नहीं पाती है। इसलिए सर मैं अपनी मां को एक चश्मा देना चाहता हूं और मैं यह चाहता हूं कि मैं पढ़-लिखकर एक बहुत बड़ा आदमी बन सकूँ और अपनी मां को एक बेहतरीन जिंदगी दे सकूं और सारी सुख-सुविधा दे सकूं। 

टीचर ने कहा बेटा तेरी सोच तेरी कमाई है! यह ले मेरे तरफ से ₹100 मेरे वादे के अनुसार और यह ₹100 और उधार दे रहा हूं, जब कभी कमाओ तो लौटा देना। और मेरी इच्छा है कि तू इतना बड़ा आदमी बने कि तेरे सर पर हाथ फेरते वक्त में धन्य हो जाऊं। 

30 वर्ष के बाद स्कूल के बाद बारिश हो रही थी और अंदर क्लास चल रही थी अचानक स्कूल के आगे जिला कलेक्टर की बत्ती वाली गाड़ी आकर रूकती है, सारे स्कूल स्टाफस चौकन्ना से रह जाते हैं, स्कूल में सन्नाटा सा छा जाता है।

मगर यह क्या एक जिला कलेक्टर एक प्रिंसिपल के पैर में गिर जाता है और कहता है ” सर में उधार के ₹100 लौटाने आया हूं “पूरा स्कूल दंग रह जाते हैं। फिर टीचर उस झुके हुए कलेक्टर को ऊपर उठकर अपने गले से लगा लेता है और रो पढ़ते हैं।

दोस्तों मशहूर होने पर मगरूर मत होना, घमंड मत करना, साधारण रहना क्योंकि वक्त बदलते देर नहीं लगती। 

बड़ा सोचो – 2nd Short Heart Touching Story In Hindi

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एक आदमी बहुत गरीब परिवार से था, वह बहुत दिनों से नौकरी की तलाश कर रहा था, लेकिन उसे अपने शहर में नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में उसने दूसरे शहर में नौकरी तलाश करने का फैसला किया। उसने अगले ही दिन ट्रेन पकड़ी और दूसरे शहर की तरफ निकल गया। 

उसके मां ने एक टिफिन में रोटियां रख दी थी, वह आदमी इतना गरीब था कि उसके घर में सब्जी नहीं बनती थी क्योंकि सब्जियों के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में बस उसकी मां ने रोटियां ही बनाई थी और उसको टिफिन में रख दी थी। 

जब उसका आधा सफर तय हो गया तो उसे भूख लगी, उसने टिफिन निकाला और रोटियां खाने लगा। जिस तरह से वह रोटियां खा रहा था उसके आसपास बैठने वाले लोग उसे देख रहे थे। वह पहले रोटी तोड़ता फिर टिफिन में घुमाता, जैसे कि उस टिफिन में सब्जी हो, फिर निवाला बनकर अपने मुंह में डालता। 

ऐसा लग रहा था कि मानो रोटी के साथ सब्जी भी खा रहा है। लोग उसे हैरान से देख रहे थे वह ऐसा क्यों कर रहा है, उन्हें समझ नहीं आ रहा था! एक आदमी ने उससे पूछ ही लिया की ” भाई तुम्हारे पास में केवल रोटी ही है, तो तुम रोटी को घुमाकर मुंह में क्यों डाल रहे हो?

उस आदमी ने जवाब दिया कि हां मेरे पास केवल रोटी ही है। लेकिन इस खाली टिफिन में रोटी घूमर में यह सोचकर खा रहा हूं कि मैं रोटी के साथ आचार भी खा रहा हूं। दूसरे व्यक्ति ने पूछा ” क्या इससे उसे आदमी को अचार का स्वाद आता है?” 

उस आदमी ने कहा कि मैं रोटी अचार सोच कर खा रहा हूं तो मुझे स्वाद भी आ रहा है। जब उसके आसपास बैठने वाले लोगों ने यह बात सुनी तो एक आदमी बोला कि अगर सोचा ही था तो आचार्य क्यों सोचा? मटर पनीर या शाही पनीर सोच लेते! इस तरह तुम उन सब्जियों का भी मजा ले पाते। 

तो दोस्तों इसे हमें यह सीख मिलती है बड़ा सोचो तभी सफलता बड़ी होगी, अगर आदमी के सपने बड़े होंगे तभी सफलता भी बड़ी होगी इसके लिए आदमी को बड़ा सोचा होगा। जिंदगी में अगर कुछ बड़ा करना है तो आदमी को अपनी सोच बड़ी रखनी चाहिए अगर आदमी के सपने बड़े होंगे तभी सफलता भी बड़ी मिलेगी। लेकिन शुरुवात हमेशा छोटी से ही होती है।  बून्द-बून्द से सममानदर!

Aaj Ka Gyan

आप एक पत्थर लीजिए और उसे एक कुत्ते को मारिए, आप देखेंगे वह कुत्ता वहां से डर कर भाग जाएगा। अब आप वही पत्थर को लीजिए लेकिन इस बार आपको एक मधुमक्खी के छत्ते पर मारना है, फिर आपको पता चल जाएगा की आपका हाल मधुमक्खियां क्या करती है! 

पत्थर भी वही है और आप भी वही हो, फर्क सिर्फ इतना है की कुत्ता अकेला था और मधुमक्खी एक साथ थे। एकता और एकजुटता मैं बहुत ताकत! और अगर हम एकजुट नहीं हुई ना ही हमारा देश बदलेगा और ना ही समाज और ना हम

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